Jitna hai Zid karo part-2

Introspection to win: - Self analysis means: knowing oneself, knowing one's own weaknesses, coming upon oneself, being responsible for failure, honestly analyzing one's own deficiencies.

 "Who wants that high break to jump should be long"

  We dream, dreaming is not a wrong thing, but to turn these dreams into reality, we need to work hard and continuously on the path that we need to fight, there we are left behind.

 1) First of all, define the mistakes you have made correctly, understand what is the nature of your mistake.

 2) You should note such mistakes in a diary and think about them again and again, so that those mistakes keep in mind and we do not have to repeat them again.

 3) Do not try to hold someone else responsible for your failure.  Forget your own shortcomings and honestly do a double assessment.  Do not delay in rectifying mistakes.

 4) Forgetting mistakes is a common occurrence in the road to success, but how you deal with the incident, how you deal with it, the ability to take the same decision depends on 80% success on merit.

 What is necessary for victory, now we have to say goodbye till then in the next lesson.

जीत के लिए आतमविश्लेषण करना:-

आतम विश्लेषण का अर्थ है :- स्वयं को जानना स्वयं की कमजोरियों को जानना अपनी पर आ जाए असफलता हेतु उत्तरदाई होना स्वयं की कमियों का ईमानदारी से विश्लेषण करना।

"जो ऊंची छलांग लगाना चाहता है उसे लंबा दोडना होगा"

 हम ख्वाब तो देखते हैं ख्वाब देखना सपने देखना कोई गलत बात नहीं है लेकिन इन ख्वाबों को हकीकत में बदलने के लिए जिस जुझारूपन की आवश्यकता है उस पथ पर मेहनत एवं निरंतर प्रयास की जरूरत है ,वहां हम पीछे रह जाते हैं।

1) सर्वप्रथम स्वयं द्वारा की गई गलतियों को सही तरीके से परिभाषित करें यह समझे कि आपके द्वारा की गई भूल की प्रकृति क्या है।

2) आप एक डायरी में ऐसी गलतियों को नोट कर लें उन पर बार-बार गंभीरता से चिंतन करें जिससे वह गलतियां मस्तिष्क में बनी रहे एवं हमें उन्हें दौर आने की गलती दोबारा न करनी पड़े।

3) अपनी असफलता हेतु अन्य किसी को जिम्मेदार जिम्मेदार ठहराने का प्रयास ना करें स्वयं की कमियां स्वयं के द्वारा की गई भूलो एवं को दहाई आकलन ईमानदारी से करें गलतियां होने पर उसे सुधारने में देरी ना करना।

4) गलतियां होना भूल होना सफलता की राह में सामान्य घटना है लेकिन आप इस घटना में कैसे रूबरू होते हैं कैसे निपट ते हैं इसी निर्णय को लेने की क्षमता योग्यता पर 80% सफलता निर्भर करती है

जीत के लिए क्या-क्या जरूरी है अब पड़ेंगे अगले पाठ में तब तक सबको गुड बाय.

Jitna hai Zid karo part-2 Jitna hai Zid karo part-2 Reviewed by Neelam on May 19, 2020 Rating: 5

12 comments:

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