Zindagi ke pal

Moments in Life


पल-पल जुड़कर बनी जिंदगी जाने क्यों इतराती है, अगला पल ही अपना ना हो क्या से क्या हो जाता है।

जितना चाहो अपना समझो तो यह बेगानी हैं,
लाख सवारों फिर भी एक दिन यह धोखा दे जाती हैं।

खुशियां आंसू दोनों ही है कुछ पल के मोहताज यहां,
एक पल ओझल हो जाए तो जिंदगी एक गुम हो जाती है ।

सिमटी चंद पलों में लेकिन क्या क्या रूप दिखाती है,
जी तो जी लो जिंदगी वरना बड़ी रुलाती है।

              

यहां जो भी दिखता है हमको यह चेहरे नहीं मुखोटे हैं
 यह रूप बदलने वाले भी क्या कभी अपने होते हैं ।

अभिनय से भरी इस दुनिया में सच ढूंढ कहां से लाओगे, बदलो दे जितनी परे तुम पर तुम उतने ही धोखे खाओगे।

 जिन्हें अपना समझ के हम अक्सर कभी दिल का दर्द बताते हैं,
वही लोग हमारे जख्मों के फिर सौदागर बन जाते हैं। 
विश्वास किसी के चेहरे का अगर करोगे तो पछताओगे, नीलम की तरह एक दिल आंसुओं में बह जाओगे ।

मतलब की दुनिया है कौन किसी का होता है ,
धोखा वही देता है जिस पर भरोसा होता है।
Zindagi ke pal Zindagi ke pal Reviewed by Neelam on June 12, 2020 Rating: 5

29 comments:

  1. Wow direct from heart, very touching lines. keep it up.

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  2. यहां जो भी दिखता है हमको यह चेहरे नहीं मुखोटे हैं
    यह रूप बदलने वाले भी क्या कभी अपने होते हैं ।
    kya lines hai, beautiful.

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  3. Nice poetry Ma'am! Keep up the good work.

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  4. Good job 👏👏👏👍👍👍

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  5. It's very beautifully expressed
    Loved it

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  6. It is very nice feelings in lines. Keep it up. We have inspiration from this. You can visit this to get more inspiration. https://www.exploretheera.com/2020/06/har-ki-doon-sequel.html

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  7. Right thought dhoka vahi deta hai jis par bharosa hota hai

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  8. वही लोग ज़ख्मों के सौदागर बन जाते हैं। अच्छा लगा।

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